Palak Bandh Kar karke Darshan

ENGLISH

Palak Bandh Kar karke Darshan, Paau Shraddha tum Jaisi (2)

Guru k liye Jeevan jiyu (2) Ho har pantha tum Jaisi

Palak Bandh Kar ,karke Darshan, Paau Shraddha tum Jaisi

Guru hi tumhari Aatma, Guru hi Tumhare praan hai (2)

Rehte Sada tum bhakto k sang Guru me tumhari Jaan hai,

Ho Aisa hi nata tujh sang mera, Preet meri ho tum jaisi

Guru k liye Jeevan jiyu (2) Ho har pantha tum Jaisi

Palak Bandh Kar karke Darshan Paau Shraddha tum Jaisi

Chu naa sake jaise guruvar koi, Apni hi parchai ko (2)

Jaansaka na Guru k liye, Tere pyar ki gehrae Ko

Jab bhi dhyaa ho saamne ho tum, Paau bhakti tum jaisi.

Guru k liye Jeevan jiyu (2) Ho har pantha tum Jaisi

Palak Bandh Kar karke Darshan Paau Shraddha tum Jaisi

Mujme na aisi pawanta hai, Jaanta hu yugdiwakar (2)

Ho jaaye Divya Ye Jeevan mera, Aisi Kripa kar mere Guruvar

GuruVaani Ko hi samju PrabhuVani, Ho mujme samarpanta tum Jaisi

Guru k liye Jeevan jiyu (2) Ho har pantha tum Jaisi

Palak Bandh Kar ,karke Darshan Paau Shraddha tum Jaisi (2)

Paau Shraddha Tum Jaisi (2)


HINDI


पालक बांध कर करके दर्शन , पाउ श्रद्धा तुम जैसी (२)

गुरु के लिए जीवन जियु (२) हो हर पन्था तुम जैसी

पालक बांध कर करके दर्शन , पाउ श्रद्धा तुम जैसी..

गुरु ही तुम्हरी आत्मा , गुरु ही तुम्हारे प्राण है (२) रहते सदा तुम भक्तो के संग गुरु में तुम्हरी जान है , हो एसा ही नाता तुझ संग मेरा , प्रीत मेरी हो तुम जैसी , गुरु के लिए जीवन जियु (२) हो हर पन्था तुम जैसी पालक बांध कर करके दर्शन , पाउ श्रद्धा तुम जैसी

छू न सके जैसी गुरुवार कोई , अपनी ही परछाई को (२) जान्सका न गुरु के लिए , तेरे प्यार की गहराए को जब भी ध्या हो सामने हो तुम , पाउ भक्ति तुम जैसी गुरु के लिए जीवन जियु (२) हो हर पन्था तुम जैसी पालक बांध कर करके दर्शन , पाउ श्रद्धा तुम जैसी

मुजमे ना एसी पावनता है, जानता हु युगदिवाकर (२) हो जाए दिव्या ये जीवन मेरा , एसी कृपा कर मेरे गुरुवार गुरु वाणी को ही समझू प्रभु वाणी , हो मुझमे समर्पणता तुम जैसी रु के लिए जीवन जियु (२) हो हर पन्था तुम जैसी पालक बांध कर करके दर्शन , पाउ श्रद्धा तुम जैसी पाउ श्रद्धा तुम जैसी (२)


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