Guru Apna Bana Ke Mujhko

गुरुने अपना बना के मुझको

गुरुने अपना बना के मुझको, मुस्कुराना सिखा दिया

अँधेरे घर में चिराग जैसे, जगमगाना सिखा दिया

गुरुने अपना बना के मुझको…

जगत के कर्मों में मैं बंधी थी, सारा ही बंधन छुड़ा दिया

भेदभाव की दृष्टि मिटाकर, राम रमैया दिखा दिया

गुरुने अपना बना के मुझको…

जगत को हमने सच था माना, गुरु ने मिथ्या करा दिया

कहाँ की ये जग सारा है सपना, तुमने खुद को भूला दिया।

गुरुने अपना बना के मुझको…

ज्ञान की नींद में सोयी थी, गुरु ने आकर जगा दिया

पिला के अमृत रस का प्याला, खुद में दर्शन करा दिया ।

गुरुने अपना बना के मुझको… ।

खुद ही उन्होंने खतम कराई, ओम में आवृत्ति को लगा दिया

बता दिया कि तू खुद खुदा है, सारे भम्र को मिटा दिया

गुरुने अपना बना के मुझको…

Name of Song : Guru Apna Bana Ke Mujhko

Language of Song : Hindi

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