Evu Laage che Aaje mane

एवं लागे छे आजे मने

एवं लागे छे आजे मने, गुरु आव्यां छे मारा हृदयमां…

मित्र मानं बधा जीवने, भाव जाग्या छे मारा हृदयमां…

एवं लागे छे आजे मने…

वैरवृत्तिनी ज्वाळा उपर, धारा वरसी रही प्रेमनी… (२)

कुणा कुणा क्षमाभावना, अंकुर फुट्या छे मारा हृदयमां…(२)

एवं लागे छे आजे मने…

ठंडो सुरमो अंजाई गयो, राता धगमगता लोचन महीं… जन

क्रोध आव्यो तो जेना उपर, प्रेम प्रगटयो छे मारा हृदयमां…

एवं लागे छे आजे मने…

जेनी जागी ती ईर्ष्या मने, एनी इच्छु छु प्रगति हवे…. ।

सुख एनं ए माणे भले, रोवु शाने हुं मारा हृदयमां…

एवं लागे छे आजे मने…

करे नुकशान जेओ मने, ए तो केवळ निमित्त बधां…

भाग भजवे छे मारा करम, साचुंसमजायुं मारा हृदयमां…

एवं लागे छे आजे मने, गुरु आव्या छे मारा हृदयमां…

मित्र मानुं बधां जीवने, भाव जाग्या छे मारा हृदयमां…

गुरु आव्यां छे मारा हृदयमां…

Name of Song : Evu Laage che Aaje mane

Language of Song : Gujarati

© 2023 by Jain Lyrics.