DOSH THI HARYO BHARYO

HINDI

दोष थी हार्यो भर्यो छुं छतां,

ददा तुजने मळवानी घणी आश छे ,

हुं तने नीरखी शकुं ना भले,

दादा तुं परंतु मारी आस पास छे....(2)

भले तुं कोयल ना गाने,

भले तुं ग्रंथ ना पाने,

मने तुं आवी ने मळजे,

दादा कोई पण बहाने....(2)

जळ बधा पी लीधा विश्वा ना,

दादा तुजने पीवानी हजी प्यास छे

दोष थी हार्यो भर्यो छुं छतां,

ददा तुजने मळवानी घणी आश छे

हुं तने नीरखी शकुं ना भले,

दादा तुं परंतु मारी आस पास छे..

वस्यो तुं धरती गगन मां,

वस्यो तुं सुंदर मधुवन मां,

वस्यो तुं महा अने संत मां,

छतां शांति नथी मान मां....(2)

द्रष्टि गोचर था हवे तुं विश्वा मां,

दादा तुज विना अही सही निराश छे

दोष थी हार्यो भर्यो छुं छतां,

ददा तुजने मळवानी घणी आश छे

हुं तने नीरखी शकुं ना भले,

दादा तुं परंतु मारी आस पास छे..

हुं ने मारुं ने मारा मा,

एज वातो मने गमे,

बीजा ना गुण तनी सरगम,

हृदय मां खुब रे दमे,....(2)

हुं तणा समुद्र मां डूबी गयो,

ददा तारी पासे आवी एक लाश छे

दोष थी हार्यो भर्यो छुं छतां,

ददा तुजने मळवानी घणी आश छे

हुं तने नीरखी शकुं ना भले,

दादा तुं परंतु मारी आस पास छे....(2)

जळ बधा पी लीधा आ विश्वा ना,

दादा तुजने पीवानी हजी प्यास छे

तुं परंतु मारी आस पास छे

तुजने मळवानी घणी आश छे...


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