Chintamani Maari Chinta Chur, Sankheswar Dada Maari Chinta Chur

English/Hindi

https://youtu.be/4dzFnICSvNM


Aani Mann Sudh Aastha, Dev Juhaaru Saaswatha, (2)

Parasnath Mann Vaanchit Pur,

Chintamani Maari Chinta Chur, Sankheswar Dada Maari Chinta Chur, (2)

Aaaaaaaa Aaaaaaa (2)

Ariyaari Thari Aankhadi, Jaane Kamal Tani Paankhdi, (2)

Mukh Dittha Dukh Jaaye Dur,

Chintamani Maari Chinta Chur, Sankheswar Dada Maari Chinta Chur, (2)

Aaaaaaaa Aaaaaaa (2)

Koi Kehne Ko Kehne Namey, Mahara Mann Ma Tuhi Gamey (2) Sada Juhaaru Ugtey Sur,

Chintamani Maari Chinta Chur, Sankheswar Dada Maari Chinta Chur, (2)

Aaaaaaaa Aaaaaaa (2)

Vichaddya Vhalesar Mel, Veyri Dushman Pachha Thel, (2)

Tu Che Maare Hajira Huzur,

Chintamani Maari Chinta Chur, Sankheswar Dada Maari Chinta Chur, (2)

Aaaaaaaa Aaaaaaa (2)

Eh Stotra J Mann Ma Dhare, Tehna Kaaj Sadaaye Sarey, (2)

Aadi Vyadhi Dukh Jaave Dur,

Chintamani Maari Chinta Chur, Sankheswar Dada Maari Chinta Chur, (2)

Aaaaaaaa Aaaaaaa (2)

Mujj Ne Laagi Tumsu Preet, Dujo Koi Na Aave Chitt (2)

Kar Mujj Tej Prataap Prachur,

Chintamani Maari Chinta Chur, Sankheswar Dada Maari Chinta Chur, (2)

Aaaaaaaa Aaaaaaa (2)

Bhavobhav Maangu Tujj Padd Sev, Shree Chintamani Arihant Dev, (2)

Samay Sundar Kahe Gunn Bharpur,

Chintamani Maari Chinta Chur, Sankheswar Dada Maari Chinta Chur, (2)


आणि मन शुद्ध आस्था ,देव जुहारु शाश्वता (२)

पार्श्वनाथ मन वांछित पुर ,

चिंतामणि मारी चिंता चूर,शंखेश्वर दादा मारी चिंता चूर (२)

आ आ आ आ .......


अणियाली थारी आँखड़ी , जाणे कामलतणी पांखडी (२)

मुख दीठा दुःख जावे दूर

चिंतामणि मारी चिंता चूर,शंखेश्वर दादा मारी चिंता चूर (२)

आ आ आ आ .......


को केहने को केहने नमे , मारा मन मा तुही गमे (२)

सदा जुहरु उगते सुर ,

चिंतामणि मारी चिंता चूर,शंखेश्वर दादा मारी चिंता चूर (२)

आ आ आ आ .......


बिछड़िया बालेसर मेल , वैरी दुश्मन पाछा भेल (२)

तू छे मारा हाज़रा हुज़ूर ,

चिंतामणि मारी चिंता चूर, शंखेश्वर दादा मारी चिंता चूर (२)

आ आ आ आ .......


यह स्तोत्र जो मनमें धरे, तेहनो काज सदाई सरे (२)

आधी व्याधि सब जावे दूर,

चिंतामणि मारी चिंता चूर,शंखेश्वर दादा मारी चिंता चूर (२)

आ आ आ आ .......


मुझ मन लागि तुमसु प्रीत, दुझो कोई न आवे चित्त (२)

कर मुझ तेज प्रताप प्रचुर,

चिंतामणि मारी चिंता चूर,शंखेश्वर दादा मारी चिंता चूर (२)

आ आ आ आ .......


भव भव देजो तुम पद सेव, श्री चिंतामणि अरिहंत देव (२)

समय सुन्दर कहे गुण भरपूर,

चिंतामणि मारी चिंता चूर,शंखेश्वर दादा मारी चिंता चूर (२)

आ आ आ आ .......



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